Yearly Archives: 2015

जग को इंतकाम तो लेने दे

बेसक, तुम मुझे काफ़िर ही कह लेनाजरा एक बार नाम सरेआम तो लेने दे अरे कह लेना मुझे पागल, शराबी भीबस इन हाथो में एक जाम तो लेने दे मैं… Read more »

क्या….पता

मुझे पहली मुलाकात से है, तुझे भी हो प्यार क्या पताआज हमने कर दिया कल तुम करो इजहार क्या पता ऊपर वाले की कलम ने  , मिलना लिखा न हो… Read more »

मैं तुझे अपना कह लूँ क्या

मैं तुझे अपना कह लूँ क्या यही गुजारिश हैकुछ पल और दो साथ मेरा यही ख्वाईश है अरे नहीं नहीं , नहीं नहीं रोती है आँखें मेरीतुम गौर से देखो… Read more »

कुछ भाव आपकी खातिर

देर से मगर खुदा का इंसाफ यही है                   उसके घर मे दीपक चार जल गएजिसने किसी खुदा के बंदे के घर में                  कभी दिया सिर्फ एक जलाया हो सारे… Read more »

कब्र तक आना भी भूल गए

ऐसा दफन किया कम्बख्त यादो को मेरीकि वो लोग कब्र तक आना भी भूल गए जिनकी फितरत पर फिदा हुआ, ये दिलआखिर डूब समंदर उनके भी असूल गए #गुनी…