Monthly Archives: June 2015

तुम्हें हमसे है नफरत

प्यार न सही, तुम्हें हमसे है नफरत, बताओ तो सहीहमें है तुम्हारी या तुम्हें भी है जरूरत, बताओ तो सही #गुनी…कोशिश जारी है

खुदा भी खुश है

खुदा भी खुश है तेरे जाने से इतना, रोज बरसात मुझपर हीरो की करता है #गुनी…

वो रो पड़ी

वो रो पड़ी कुछ इस तरह, कि मुझे आँसुओं पर भी तरस आने लगा #गुनी…

गरीब मजबूरी में रोता है

लहरें खुद रास्ता बनाती हैं, उन्हें कस्तीयाँ नहीं बोलतीगरीब मजबूरी में रोता हैं, उसकी बस्तियाँ नहीं बोलती #गुनी…

मैं हैरत में हूँ इस बात की कि रोज आईना देखकर भी खुद को कैसे नहीं पहचानते लोग #गुनी…

#संदेश

मेरी किताब के सारे पन्नों को फाड़कर फेकने के बाद, उसने कहा, जरा आखिरी पृष्ठ की वो आखिरी दास्ताँ तो सुना दो… #गुनी…

परछाई से दूर

परछाई से दूर भागने पर ,  परछाई साथ नहीं छोड़ देतीऔर तुम चाहती हो, कि चलते चलते हमे पीछे छोड़ दो #गुनी…