Monthly Archives: January 2016

ये भी कोई जहर है

ख्यालो ख्यालो में… नजरो में मेरी दूर तक अश्को का दरियाकुछ इस तरह का, जालिमो का कहर है रात ही रात है ,  सूरज नजर नहीं आताकौन जाने, ये कौन… Read more »

कुरीतियो से बचाए रखना

मेरे खुदा अपनी रहमत बनाए रखनाघर को मेरे खुशियों से सजाए रखनाएक और साल ये, बीत गया उम्र कामुझे सदा, कुरीतियो से बचाए रखना #गुनी…

मेरे गुनाहो की सज

मेरे गुनाहो की सजा ,  इस तरह दी जालिम नेजिंदगी का वायदा करके पल में दूर कर दिया जो किया करता था हर पल उसी की इबादतकमबख्त उसे भी भूलने… Read more »

मैं अनमोल हूँ

लगता था जिंदगी का कोई मोल नहींमेरी माँ ने मुझे बताया, मैं अनमोल हूँ #गुनी…

नाचना गाना बजाना नहीं आता

नाचना, गाना, बजाना नहीं आतातो मैं बस मन ही मन झूम लेता हूँ लंबे सैर – सपाटे का नहीं है वक़्तघर की चार दिवारी में घूम लेता हूँ #गुनी…कैसी रही

चंद हर्फ़ हो जाते हैं

चद हर्फ़ हो जाते हैं, मुक्म्मल शेयरबशर्ते कहीं महबूब तेरा जिक्र तो हो जिंदगी से ज्यादा मुझे मौत है प्यारीबस कहीं, तुझे भी मेरा फिक्र तो हो #गुनी…

बेगानो से क्या लेना

एक हो आशिक जमाने के दीवानो से क्या लेनानशा शबाब का हो, फिर मयखानों से क्या लेनाअब एक यही तो खेल है मेरी असल जिंदगी कामौहब्बत अपनो में होती है,… Read more »

कातिल बताने लगे

कल तलक थे , दिल के करीब जोदुश्मन से ज्यादा , मुझे सताने लगे जिनके नाम कर दी , सारी जिंदगीवही आज मुझे कातिल बताने लगे #गुनी…

तजुर्बे बिकते ही नहीं

कई दफा सोचा, कि छुपा लूं दर्द सारामगर ये आँसु हैं मेरे जो रुकते ही नहीं संभल जाता मैं गिरने से पहले दोस्तोमगर, बाज़ार में तजुर्बे बिकते ही नहीं #गुनी…