Monthly Archives: October 2016

एक दफा ऐतबार तो कीजिए

लो भैया हाज़िर है ये अदना सी कोशिश … इस छोटी सी कलम को आपका आशीर्वाद यूं ही मिलता रहे … आपकी और हमारी मौहब्बत यूँ बनी रही 🙂 मौहब्बत… Read more »

हर्ज ही क्या है

दिल की बात बताने में, हर्ज ही क्या हैजो मौहब्बत है उसको जताने में, हर्ज ही क्या है जब तलक साँस में साँस है मेरी बाकीकम्बख्त ये मौहब्बत निभाने में… Read more »

चिराग जलाया तो होता

खुदा से मुलाकात की ख्वाईश तेरी मुकम्मल हो जातीफकत  ,  गरीब के घर में इक चिराग जलाया तो होता #गुनी…

हर्ज ही क्या है

दिल को दिल की बात बताने में, हर्ज ही क्या हैजो मौहब्बत है उसको जताने में, हर्ज ही क्या है #गुनी…

जल गया रावण

सोचता हूँ देखकर पुतले को लो जल गया रावणमगर राख में उसकी हजारो घर मेरे निकल आए #गुनी…

वही मेरी नजर में है

जाने कब से मेरा दिल तेरे दिल के असर में हैअश्क जो तेरी नजर में है वही मेरी नजर में है हीर रांझा की क्या, कहानी बयाँ करूँ मैं तुझेअरे,… Read more »