Monthly Archives: June 2017

कौन है

मेरे भीतर ये बिना इज़ाजत धड़कता, कौन है आईने में उतर आता मुझसा, तू बता, कौन है कम्बख़्त , चला जाता है छोड़कर अक्स मेरा अहम रिश्तों की अहमियत समझता,… Read more »

शुक्रिया

दोस्तो में जगह तुमने खास दी, शुक्रिया जितनी भी दी दिल के पास दी, शुक्रिया इन रिश्तों को समझने का ढंग सिखाया जिंदगी को फिर एक आस दी , शुक्रिया… Read more »