Category: मुक्तक

माफ कर दीजियेगा

कैसे बह रहा खून वीरो का, ये सारा हिसाब आप दीजिये पूछ रही जनता अब देश की, आवाम को जवाब आप दीजिये सच को सच, झूठ को झूठ नहीं कह… Read more »

 हिंदुस्तान बचा लीजिये

एक बार फिर… बनकर भगवान, आप हिन्द का मान सम्मान बचा लीजिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आप भारत का अभिमान बचा लीजिये किसी और से नहीं ,  मेरे देश के युवाओं… Read more »

ढूंढ लेता हूँ

बेगाने शहर में मैं अपना घर ढूंढ लेता हूँ मिट्टी सा हूँ मैं, मिट्टी में हुनर ढूंढ लेता हूँ कईं लोग ढूंढते हैं, इधर उधर , यहाँ वहां मैं किस्मत… Read more »

लहरों से जीत आया हूँ

​रात भर सोया नहीं ,  मैं रात के अंधेरो से जीत आया हूँ चाँद के ढलने से पहले जागकर सवेरो से जीत आया हूँ कागज की हैं कस्तियां मेरी ,… Read more »

मीत लिख रहा है

जहन में  भीतर  जाने कौन गीत लिख रहा है हजारो – लाखो में आपसी  प्रीत  लिख रहा है और तुम बेशक समझ लो दुश्मन उसे अपना वो तो कब  से … Read more »

जिसने तेरे हिस्से हिन्दुस्तान दिया है

आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं बेटा डट जाना तुम सीमा पर माँ ने मेरी मुझको ज्ञान दिया हैशीश झुकाना भूल न जाना इस भूमि ने मान सम्मान… Read more »

बाजार में बिकता समान समझा

वो दिल था मेरा, जिसे तूने सिर्फ खाली मकान समझामुश्किल मेरी जिंदगी भी थी सिर्फ तूने आसान समझाजिस दिन से दूर किया है ,  जान नहीं है सलामत मेरीरूह थी… Read more »