Monthly Archives: May 2014

बन जाना सारथी

तुम सुनाती रहो, मैं सुनता रहूँ तुम हंसती रहो, मैं मुस्काता रहूँ तुम बन जाना सारथी जीवन कीतुम चलाती रहो, मैं चलता रहूँ…

अब आँखों से ऑंखें लड़ाने में डर नहीं लगता

अब आँखों से ऑंखें लड़ाने में डर नहीं लगताकॉलेज के दुसरे माले पर आने में डर नहीं लगता बहुत रिझाती थी वो मुझे औरो के साथअब किसी और के साथ आने… Read more »