Monthly Archives: May 2015

शायद मंद हवा थी

सिर्फ तुम…हां तुम…ओह हो अरे बाबा तुम बेसक कमबख्त जीत गयी जंग, मेरा दिल तोड़करआज ही की तो बात है चली गयी अकेला छोड़करवायदा किया था कभी दूर तलक साथ… Read more »

हिन्दुस्तान लिखता हूँ

सोचिये कुछ इस तरह भी… नौजवानो का कर्जदार हूँ उनका सम्मान लिखता हूँदेश्वशियो की खातिर नौजवानो का गान लिखता हूँलोग कहते हैं मुझे भूगोल का तनिक भी ज्ञान नहींजब बनाता… Read more »

खुश रहो अपने संसार मे

आज फिर एक बार तुम्हारे लिए… मैं रात भर जागा, सिर्फ तेरे इंतजार मेंमैं आंसुओं का दरिया बना तेरे प्यार में नसीब में कांटे ही हैं अगर मालूम होताफूलो पर… Read more »

परिंदा नहीं आया

छोटी सी कोशिश गौर फरमाईये … कुछ इस तरफ निकला था दुआओं को साथ लेकर मगर वो परिंदा नहीं आया कितना रोती है माँ तब जिसका लौटकर बेटा जिंदा नहीं आया मत… Read more »