Monthly Archives: September 2015

हिन्दी पूरे विश्व की ताकत होगी

मेरे कुछ सपने… माँ भारती को समर्पित मेरी, हर एक पंक्ति इबादत होगीभारत में भी एक दिन विश्व की सबसे ऊंची इमारत होगीछोटा मुँह बड़ी बात शायद, पर एक दिन… Read more »

हिन्द का असूल

जब तक बनकर पहरेदार रहा, उसे खिलता कमल कभी गुलाब का फूल कहा गयावो जिस दिन करने लगा आसमाँ से रोशनी , उसके लाचार बाप को धूल कहा गयाजिसने भगत… Read more »

दी होती अनुमति तो सेना उस पार कोई नगर नहीं छोड़ती

भारत की सीमा पर जब बेटा कोई शहीद हो जाता हैकहाँ छुप जाता राजकोष, कहाँ हिन्द सो जाता हैक्या दिल्ली को माँओ की पुकार सुनाई नहीं देतीक्या नारी की टूटी… Read more »

कवि खुद्दार निकला

भइये कवि तारीफ सुनी हे कभी… मुनाफे में तमाम मौहल्ला हिस्सेदार निकलासब नेता हो गए महज कवि खुद्दार निकला किसी ने चारा, किसी ने कोयला, सब साफबाबू समझ बैठे थे,… Read more »

बात करें बड़ी-बड़ी जमीदारी की

बात समझ आये तो जरुर बताएं …. दुनियादारी के सौदागरों से क्या उम्मीद करूँ मैं यारी कीहिन्द से इतनी जलन हैं इन्हें, सदा बात करें, चिंगारी कीजो है, वो जमीं… Read more »