Monthly Archives: September 2014

इजहार-ए-इश्क

तेरी फितरत से ही इतना झुलसा हुआ हूँ, क्या जरुरत है जलाने कीयादो में मर मर कर ही तो जी रहा हूँ अब क्या जरुरत है सताने कीकल ही तो… Read more »

प्रेम की मुलाकात

किसी ने खाई हैं कसमे मुहब्बत की कोई अंत की बात करता हैये पडोसी साथ की बात करता हैं कहीं पीठ पीछे घात करता हैसाथी मुल्क होता कोई और तो… Read more »

भगत वीर हो जाए

साहस के उठे कदम बगावत की खिलाफत में, सलाखे जंजीर हो जाएऐसा हौसला हो क्या हरियाणा क्या प्रदेश हमारा सब कश्मीर हो जाएइस बार जान लगा देंगे हम , जो… Read more »

इतिहास लिख डाला

यूँ ही लिखते लिखते कविता लिख दी , कभी कविताओ में अहसास लिख डालाकभी प्रेम लिखा कभी ललकार लिखी कभी झाड झंगाड़ कभी घास लिख डालारे क्या ख़ाक लिखा मैंने… Read more »

प्रेम की बरसात होगी

तेरे इन पुराने शतरंज के पैतरो से ना सह होगी ना मात होगीनापाक कदम देखकर तेरे, दिल्ली में ना कोई मुलाकात होगीतू लगाएगा तम्बू भारत की सर जमीं पर, चुप… Read more »

मन कुंदन कर आया

देखकर तीर्थ बद्री , काशी और हरिद्वार यहाँ पूजा को मन कर आयाखूब सुनी थी अंग्रेजी उर्दू और फारसी फिर हिंदी में भजन कर आयाबेहद अनमोल जन्म था , खुद… Read more »

बचपन नादान दो

मेरा तो बचपन ही अच्छा था जब न धर्म था न जात थी जब देखा खेलने निकल पड़े अपने दोस्तों के साथ न कोई चिंता न कोई गम बस दोस्त… Read more »

पिछड़ा ज़माना कहेंगे

मैं नहीं करता किसी से मौहब्बत, वरना मुझे दीवाना कहेंगे लोगबात भी कैसे टाल दूँ अब उनकी ,  फिर मुझे बेगाना कहेंगे लोगदुनिया का हिसाब देखें , खुद की मर्जी… Read more »