Monthly Archives: December 2016

तुझे मांग लूँ मैं

​तुझे मांग लूँ मैं, जो खुदा से मुलाक़ात हो जाए ख़ामोशी भी मंजूर है , जो तुझसे बात हो जाए यकीनन ये मौहब्बत मुकाम को हासिल करेगी जो एक दफा… Read more »

लहरों से जीत आया हूँ

​रात भर सोया नहीं ,  मैं रात के अंधेरो से जीत आया हूँ चाँद के ढलने से पहले जागकर सवेरो से जीत आया हूँ कागज की हैं कस्तियां मेरी ,… Read more »

खत नामंजूर हुआ है

​भला ऐसा हुआ है कभी लहरें समन्दर से नाता तोड़ लें यकीनन मेरी सिफारिशों का कोई खत नामंजूर हुआ है #गुनी…

हैरान न होईये

गुनी फिर से हाज़िर है खिदमत में जनाब हैरान न होईये आज मौहब्बत पर कर ली जाये गुफ़्तुगू परेशान न होईये #गुनी…