Category: गीतिका

इश्क़ सिखाना नहीं आता

मैं तो ठहरा मामूली सा , मुझे प्यार जताना नहीं आता तू महलों की रानी तुझे कैसे बहाना बनाना नहीं आता कैसे, कैसे, कैसे खुश हो लूँ , मुझे तू… Read more »

रविवार है ना

​एक साप्ताहिक रचना…. 😛 ये जो साप्ताहिक रविवार है ना इससे तुम्हें बड़ा  ही प्यार है ना कम्बख्त  सोमवार  गुस्ताख़  है  ये तुम्हारा भी गुनाहगार  है  ना मंदिरों में सजावट… Read more »

कौन अपना, और कौन पराया

छोले मिलते देखें होंगे किसी चौराहे पर बेकार वाले …. कौन अपना, और कौन परायाये तो मतलब की है सारी माया अब नाराज खुदा भी, है मुझसे मुझको धूप और… Read more »

उस वक़्त हम बच्चे थे

मेरा गांव …. और वहां के लोग एक एक घर मंदिर था मेरे गांव काबेशक मेरे गांव के सारे घर कच्चे थे दिल से दिल का रिश्ता था लोगो मेंगरीबी… Read more »

कवि खुद्दार निकला

भइये कवि तारीफ सुनी हे कभी… मुनाफे में तमाम मौहल्ला हिस्सेदार निकलासब नेता हो गए महज कवि खुद्दार निकला किसी ने चारा, किसी ने कोयला, सब साफबाबू समझ बैठे थे,… Read more »

ओ हिन्द के वीरो जय जय जय जयकार लिखो

सुप्रभात मित्रो,…. छोटी सि कोशिश देखें ओ हिन्द के वीरो जय जय जय जयकार लिखोभारत के हर हिस्से पर तुम स्व अधिकार लिखो तुम रहो अढ़िग अपने पथ पर यूँही… Read more »

खुश रहो अपने संसार मे

आज फिर एक बार तुम्हारे लिए… मैं रात भर जागा, सिर्फ तेरे इंतजार मेंमैं आंसुओं का दरिया बना तेरे प्यार में नसीब में कांटे ही हैं अगर मालूम होताफूलो पर… Read more »

हो रहा बबाल है

देश में, देश में, धर्म के नाम पर हो रहा बबाल हैदेख लो, देख लो, बस गरीब से हो रहा सवाल है आज इन खादी कुर्ते वालो ने पहना सूट… Read more »

आदमी से प्यार हो जाए

मेरे देश के हर आदमी को हर आदमी से प्यार हो जाएनफ़रत भाव रखे खुद की नजरो में गुनाहगार हो जाए सब आदर करने लगे मेरे भारत में माँ और… Read more »