Monthly Archives: January 2015

सरकारी विद्यालय में ही राष्ट्रगान लिखा जाता है

शुभ प्रभात मित्रो…. आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दुनिया बदल गयी है मतलब की खातिर इंसानों को भगवान लिखा जाता है शिक्षा बिकती चंद सिक्को में , कागज… Read more »

डर लगता हैं

प्यार की बातें हो जहाँ वो आँगन अपना घर लगता हैमगर मुझे कुदरत , इश्क और ज़माने से डर लगता है #गुनी…

सिर्फ हिंदुस्तान लिखता हूँ

छोटी सी कोशिश मेरी बिलकुल नासमझ हूँ दोस्तों कभी तिरंगे में जान लिखता हूँकभी कभी माटी की खातिर मैं जान को कुर्बान लिखता हूँऔर रोज सपने में पूछता है खुदा… Read more »

अभ्यास कर रहा हूँ

वर दे माँ मुझको वाणी की देवी से अरदास कर रहा हूँमाँ शारदे को समर्पित , अपना एक प्रयास कर रहा हूँहो सके तो माफ़ करना दोस्तों मुझको मेरी त्रुटियों… Read more »

बाग़ शमशान न हो जाए

सुप्रभात मित्रोहाज़िर है एक मुक्तक …. इशारा कहाँ है बेसक आप समझ जायेंगे इशारो की जुबां तो आती ही है आपको… दाग है खूबसूरत चाँद में भी , कहीं चाँद… Read more »