Yearly Archives: 2013

माँ

माँ की महिमा गाने मैं आया हूँमाँ क्या होती है ये बतलाने मैं आया हूँ बचपन में रोता देख मुझे रोटी थी माँआज वो बचपन खो चुका हूँमगर उस माँ… Read more »

इन राहो से गुजरना छोड़ दो

इन राहो से गुजरना छोड़ दो अपने गुनाहों से मुकरना छोड़ दोफूलो से ही नहीं काँटों से भी मोहब्बत कर वरना इन कलियों पर भटकना छोड़ दो 

अकेला हूँ

क्या ढूँढने निकला हूँ मैं नहीं जानताइस महकती खुशबू को मैं नहीं पहचानतामैं कल भी अकेला था आज भी अकेला हूँकोइ किसी का है इस दुनिया में मैं नहीं मानता

कवि हूँ

अपने शब्दों के जाल में मैं किसी को फ़साना तो नहीं चाहता हसंते हुए को आज रुलाना तो नहीं चाहता जगमगाते दिए को बुझाना तो नहीं चाहता सोचकर देख कवि… Read more »